क्या है एग्जाम फोबिया
जैसे जैसे परीक्षा पास आती है वैसे वैसे टेंशन बढती जाती है और होता है क्या ??? हड़बड़ी में सब कुछ भूल जाना , विशेषज्ञ इसे “एग्जाम फोबिया ” कहते हैं | फोबिया होने पर विद्यार्थी हर समय टेंशन में ही रहता है और हमेशा ज्यादा मार्क्स लाने के चक्कर में किताबो से चिपका रहता है , और ऐसे में होता यह है की वह परीक्षा देने से लेकर रिजल्ट आने तक टेंशन में ही रहता है |
क्या है इसकी वजह :-
- माता पिता का बच्चो पर ज्यादा नंबर लाने का दबाव डालना |
- गलती से भी एक बार क्लास में ज्यादा मार्क्स आ जाने पर बार बार वही रैंक या उससे आगे बढ़ने की टेंशन रहना |
- कुछ ज्यादा होशियार छात्रों का खुद ही बनाये नोट्स बाँट देना और और खुद का नुकसान कर लेना | वैसे इसे महामूर्ख छात्र ही कहा जायेगा , जरुरत से ज्यादा होशियारी हमेशा खुद के लिए नुकसानदायक होती है |
- मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करना|
- सोशल नेटवर्किंग एप्प या वेबसाइट जैसे फेसबुक, इन्स्ताग्राम , व्हात्सप्प, ट्विटर का ज्यादा इस्तेमाल करना |
- चैटिंग की बीमारी , जरुरत से ज्यादा ग्रुप्स में जुड़ा होना |
- सालभर मौज मस्ती पार्टी घुमने फिरने में निकाल देना , इसके बाद लास्ट टाइम में सब कुछ पढने की कोशिश करना |
- जरुरत से ज्यादा दोस्त बना लेना , बाद में उन्ही दोस्तों के कारण पीछे हो जाना|
- एक पेपर बिगड़ जाने के बाद उसी के बारे में सोचते हुए पूरा समय बर्बाद कर देना |
- जरुरत से ज्यादा कॉंफिडेंट होना या ओवर कॉन्फिडेंस |
- अपने से आगे के दोस्तों से चिढ होना|
- खुद को ज्यादा स्मार्ट समझ लेना|
- चीजो का आधार अधुरा ज्ञान होना |
- घंटो तक दोस्तों से मोबाइल में बाते करना |
अमेरिका में हुई हाल में रिसर्च यह बताती है की मोबाइल से निकलने वाली रौशनी दिमाग को बहुत नुकसान पहुचाती है , जिससे की चीजे ब्लुर , या धुंधली होने लगती है | पढ़ा हुआ सब कुछ याद तो होता है लेकिन पेपर के समय में सब कुछ मटमैला या धुंधला सा हो जाता है , क्यूंकि मोबाइल की रौशनी हमारी याददाश्त को बहुत बुरी तरह से प्रभावित करती है जिससे की भूलने की बीमारी, चिडचिडापन , गुस्सा अधिक आना, आँखों की रौशनी कम हो जाना, चेहरे पे झुर्रिया होना , समय से अधिक बुढा दिखाई देना एवं अन्य बीमारियाँ शामिल हैं | इसका सबसे अधिक प्रभाव लडकियों पर पड़ता देखा गया है जिसकी वजह से वे समय से पहले ही बदसूरत या बूढी दिखाई देने लगती हैं |
क्या होता है फेल होने के बाद :-
- 33% लड़के लडकियां जहर खाके जान दे देते हैं |
- 38% लड़के लड़कियां फाँसी लगा लेते हैं |
- 29 % लोग खुद को जलाकर मर जाते हैं |
कैसे बचे एग्जाम फोबिया से :-
- रिलैक्स रहकर पढाई करे खुद में डर पैदा न होने दे |
- पढाई के लिए बनाये टाइम टेबल |
- सोशल सोशल नेटवर्किंग एप्प या वेबसाइट जैसे फेसबुक, इन्स्ताग्राम , व्हात्सप्प, ट्विटर से बचकर रहे |
- मोबाइल में नोट्स पढने की बजाय हाथ से लिखे हुए या प्रिंट निकले हुए नोट्स ही पढ़ें |
- अपने नोट्स अन्य लोगो से शेयर न करे | कितना भी खास दोस्त हो नोट्स देने से बचें, आजकल लड़के लडकियों को एवं लडकिया लडको से अपोसिट सेक्स अपील का इस्तेमाल करके अपना काम निकाल लेते हैं |
- कम से कम दोस्त बनाये , खासकर की अपोसिट सेक्स अट्रेक्शन से बचें |
- पढाई के लिए बेहतर माहौल बनाये , शोर शराबे में पढने से बचें |
- शांत माहौल में पढाई करें |
- देर रात तक पढने की बजाय सुबह जल्दी उठकर पढ़ने की कोशिश करें |
- आशावादी रहे , अपनी सोच पॉजिटिव रखें , ऐसा न सोचे की मै पीछे रह जाऊंगा या फ़ैल हो जाऊंगा , ऐसे लोग हमेशा पीछे ही रह जाते हैं |
- कुछ लड़के एवं लडकिया अपने कॉम्पटीशन वाले लड़के लडकियों से प्यार या दोस्ती का बहाना बनाते हैं , इसलिए ऐसे लोगो से बचकर रहे |
- पढाई के बीच में ब्रेक जरुर ले , जैसे की २ घंटे पढने के बाद 15 मिनट के लिए आँख बंद करके लेट जाये | मोबाइल के इस्तेमाल से बचे|
- चैटिंग की आदत छोड़ दें |
- अगर पेपर बिगड़ भी जाये या रिजल्ट अच्छा न आये तो उसको बार बार सोचने की बजाय अपनी गलती स्वीकार करें एवं आगे की तैयारी करें |
- जरुरत से ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस न दिखाएं |
- पार्टी , घुमने फिरने से दूर ही रहे |
- दूसरों से मदद लेकर पढने की बजाय सेल्फ डिपेंड रहकर पढाई करें , कोचिंग के चक्कर में कम से कम पढ़ें |








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