
एक ओर जहाँ कोरोना वायरस का खौफ पूरी दुनिया में फैला हुआ है वही भारत के लोगो के लिए आने वाले दिनों में खुशखबरी सामने आ सकती है | इसकी वजह है भारत के मौसम में आने वाला बदलाव | क्यूंकि MIT इंस्टिट्यूट की बात मानी जाए तो भारत में गर्मी के मौसम की शुरुआत होने वाली है या कुछ राज्यों में हो भी चुकी हैं और 198 देशो के सर्वे से जो आंकड़े सामने आये हैं वो चौकाने वाले हैं |
भारत का मौसम पहली वजह संक्रमण कम होने की
वो सभी देश जहा का वातावरण गर्म है या जहाँ सामान्यतया गर्मी ज्यादा रहती है वहां पे कोरोना से संक्रमित लोगो की संख्या काफी कम है | भारत में भी गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है फ़िलहाल तापमान अभी सामान्य से 1 डिग्री कम बना हुआ है लेकिन जैसे ही यह वेस्टर्न डिस्टरवेंस ख़त्म होगा 2 अप्रैल से तापमान में बढ़ोत्तरी होनी चालू हो जाएगी और तापमान में समन्यातया 5 से 6 डिग्री का उछाल देखने को मिलेगा | इसका मतलब साफ है की तापमान 35 से 36 डिग्री तक चला जायेगा | यानि की श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा जो 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया गया है उसके ख़त्म होने तक भारत में तापमान 38 डिग्री तक पहुच चुका होगा और 25 अप्रैल आते तक तापमान 40 डिग्री तक पहुच जायेगा |
वैज्ञानिको की माने तो इस दशा में भारत में तेजी से फ़ैल रहे कोरोना संक्रमण के मामलो में कमी आना शुरू हो जाएगी क्यूंकि गर्म मौसम में लोगो के खांसने या छींकने से मुह से निकलने वाले कण तेजी से वाष्प बनकर हवा में उड़ जायेंगे और कोरोना वायरस को पनपने का मौका नहीं मिलेगा | तो वायरस के संक्रमण के मामले कम होने की पूरी आशंका होगी |
लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल भी नहीं है की कोरोना ख़त्म हो जायेगा क्यूंकि वैज्ञानिको ने यह दावा किया है की कोरोना 27 या 28 तापमान पर ख़त्म नहीं होता है बल्कि यह 60 से 70 डिग्री तापमान पर भी जीवित रहने में सक्षम है अतः इस बात को कहना की कोरोना ख़त्म हो जायेगा यह बिलकुल गलत होगा | यह महज एक अफवाह है की कोरोना वायरस 27 से 28 डिग्री तापमान पर ख़त्म हो जाता है |
भारत में तेजी से नहीं फैलेगा संक्रमण दूसरी वजह
भारत में बाकि देशो की तुलना में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से न फैलने की एक और वजह सामने आई है | भारत दुनिया के सभी देशो में प्राचीनतम संस्कृति के लिए जाना जाता है और भारत में साल में 3 बार मौसम बदलता है और इस वजह से बाकि देशो की तुलना में यहाँ के लोगो का इम्यून सिस्टम भीषण गर्मी सर्दी और बरसात को कभी भी झेलने के लिए आदी हो चुका है | अतः वैज्ञानिकों का मानना है की भारत के लोगों का इम्यून सिस्टम बाकि देशो की तुलना में बहुत मजबूत है | इसलिए भारत में संक्रमण के मामले कम है |
इसकी एक और वजह भारत के लोगो की संस्कृति और खान पान को भी दिया जा रहा है क्यूंकि भारत में अधिकतर लोग ईश्वर की आराधना के समय ध्यान लगाना और योग अभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं जो की भारत देश के लोगो की इम्युनिटी को बढ़ा देता है | जानकारों की माने तो भारत देश में लोगो की इम्युनिटी मजबूत होने की वजह से भी जनसँख्या का घनत्व अधिक होने पर भी यह तेजी से नहीं फ़ैल रहा है क्यूंकि यहाँ के लोगो का शरीर बहुत सी गंभीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम है |
खान पान है तीसरी वजह
वैज्ञानिको ने यह दावा किया है की भारत के लोग पारंपरिक मसालों का उपयोग खाने में बहुत अधिक मात्रा में करते हैं , जैसे की भारत में लोग खाना बनाते समय हल्दी का उपयोग प्रचुर मात्रा में करते हैं जो की बॉडी की इम्युनिटी को बढाती है |
इसके साथ ही साथ भारत के लोग चाय के शौक़ीन हैं और चाय और खाने में अदरख, काली मिर्च , तुलसी, निम्बू और लौंग जैसी चीजों का उपयोग करते हैं जो की बॉडी की इम्युनिटी को कई गुना तक बढ़ाने में सहायक है |
भारत के लोग खाने में जमके लहसुन का उपयोग करते हैं जो की बॉडी की इम्युनिटी को बहुत मजबूत बना देता है तो इस तरह से भारत में उपयोग होने वाले पारम्परिक मसाले भी भारत के लोगो के शरीर को मजबूत इम्युनिटी प्रदान करते हैं इसलिए भारत कम स्वास्थ सुविधा और अधिक जनसंख्या घनत्व होने के बावजूद भी कोरोना से मजबूती से लड़ने में सक्षम साबित हो रहा है |
फिर भी इन सभी बातो के बावजूद भी लोगो को सोशल डिसटेंसिंग की आदत डालनी होगी | बेहतर यही होगा की वे घर से कम से कम निकले और लोगो से मेलजोल न करें | हाथ मिलाने की जहग नमस्ते करने की आदत डालें और मुह में मास्क लगाकर ही निकले | बाहर से आने पर तुरंत साबुन से नहा ले और कपड़ो को धो डालें , और अगले एक से 2 माह तक किसी जन्मदिन शादी ब्याह जैसे आयोजनों में न ही शामिल हो न खुद आयोजन करें और लोगो को घर में आने से मना कर दें साथ ही खुद भी किसी के घर न जाये, और एक बहुत जरुरी बात घर में बिलकुल भी तनाव का माहौल न रखें जिससे की मानसिक संतुलन बिगड़े और आपकी इम्युनिटी पे असर पड़े बच्चो से बिलकुल भी पढाई , रिजल्ट उनके करियर, या शादी ब्याह जैसी बाते करके उनपर मानसिक दबाव न बनाएं| क्यूंकि सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है |








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