शुगर के मरीजो के लिए हेल्थ सप्लीमेंट

वेल ग्लूको हेल्थ
वेल ग्लूको हेल्थ शुगर के उन मरीजो के लिए उपयुक्त है जिनके शरीर में भोजन करने के उपरांत पैंक्रियास सही तरह से काम नहीं करता एवं पैंक्रियास के कार्य न करने के कारण यह भोजन को पचा नहीं पाता जिसके कारण शरीर में शुगर का स्तर बढ़ने लगता है पैंक्रियास के कार्य न करने के कारण मरीज के शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाते है जिसके कारण शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है वेल ग्लूको हेल्थ दाल चीनी,कडवा करेला ,क्रोमियम,पिकोलिनत ,जिंक एवं अन्य शक्तिशाली आयुर्वेदिक तत्वों को मिला कर बनाया गया है जो की शरीर में शुगर के स्तर को समान्य बनाये रखने और कार्बोहाइड्रेट एवं फैटी एसिड चयापचय का समर्थन करने में मदद करता है यह शरीर में इंसुलिन बनाने एवं पैंक्रियास को पुनः सक्रिय करने में सहायता प्रदान करता है |
वेल करेला जामुन जूस
वेल करेला जामुन जूस को हिमालय क्षेत्र के जैविक करेला और जामुन के बीजो से कोल्ड प्रेस टेक्निक का उपयोग करके तैयार किया गया है करेला और जामुन को खून में ग्लूकोस के स्तर को समान्य एवं स्वस्थ बनाये रखने के लिए के लिए जाना जाता है और यह पाचन प्रकिया को भी बेहतर बनाये रखने में सहायता करता है यह प्राक्रतिक एंटी आक्सीडेंट रूप में कार्य करता है एवं नशे के प्रभाव को भी कम करता है साथ ही साथ यह उन लोगो के लिए अत्यंत उपयोगी है जो लोग शराब,बीडी,गुटका,सिगरेट या अन्य किसी नशीले पदार्थ का सेवन करते है यह प्राक्रतिक आक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है एवं स्वभाविक रूप से रक्त को साफ करने का कार्य करता है यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक है एवं चेहरे में होने वाले कील मुहासों को कम करने एवं इम्युनिटी को बेहतर बनाये रखने में भी सहायता करता है|
वेल आल प्लांट प्रोटीन पाउडर
व्यक्ति के जीवन में सही शारीरिक पोषण की आवश्यकता होती है खान -पान की गलत आदते एवं सही समय पर भोजन न करना तमाम नए रोगों का कारण है शारीरिक पोषण को सही रखने हेतु हमारे भोजन की खुराक में सही मात्रा में प्रोटीन का होना अति आवश्यक है क्योकि हमारे शरीर का 20 % हिस्सा प्रोटीन का बना होता है प्रोटीन की पर्याप्त मात्र न मिल पाने के कारण दुबलापन ,शरीर का सूखना, चक्कर आना हाथ पैर में झुनझुनी होना रक्त में शुगर का स्तर बढ़ना, घावो का जल्दी न भरना ,बार -बार बीमार होना,दूध पिलानेवाली महिलाओ के शरीर में कमजोरी होना , बच्चों का पर्याप्त मात्रा में शारीरिक विकास एवं हाइट न बढ़ना जैसी विभिन्न तरह की बीमारिया होती है कुल 20 तरह के एमिनो एसिड होते है जिसमे 11 तरह के एमिनो एसिड हमे भोजन एवं अन्य माध्यमो से ग्रहण करने पड़ते है|
आल प्लांट प्रोटीन इन्ही 9 तरह के एमिनो एसिड से मिलकर बना हुआ है जो की शरीर में होने वाली प्रोटीन की कमी को पूरा करता है आल प्लांट प्रोटीन पाउडर में मार्केट में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर की तुलना में 80% तक प्रोटीन तक प्रोटीन पाया जाता है जो की मांसपेशियों को मजबूत करने नए मांसपेशियों के निर्माण एवं मरम्मत में त्वचा की चमक बनाये रखने में वजन के संतुलन एवं अन्य कार्यो में सहायक है आल प्लांट प्रोटीन पाउडर पाचनशील, शुगर फ्री,कोलेस्ट्राल फ्री है जोकि शरीर में प्रोटीन निर्माण में सहायता प्रदान करता है यह प्रोटीन का शुद्धतम रूप है जोकि शरीर में कैल्शियम के क्षरण को रोकता है रक्त के संचार में सहायक है शुगर के मरीजो को शारीरिक शक्ति प्रदान करता है यह किसी भी तापमान में विकृत नहीं होता रक्त चाप को समान्य रखने,ह्रदय को स्वस्थ रखने में सहायक है आल प्लांट प्रोटीन पाउडर महिलाओ के मासिक धर्म के बाद होने वाली आस्टियोपोरोसिस की समस्या को भी नियन्त्रण करता है|
सावधानियाँ-
1. यदि आप किसी भी तरह के शुगर के मरीज है और आपकी किसी डॉक्टर के माध्यम से दवा चल रही हो तो उन दवाओ को एकाएक बंद ण करे एवं उन दवाओ का नियमित सेवन करे एवं साथ ही साथ वेल ग्लूको हेल्थ वेल करेला जामुन जूस एवं आल प्लांट प्रोटीन पाउडर का उपयोग करना प्रारम्भ करे ग्लूको हेल्थ टैबलेट दिन में दो बार खाली पेट लेना आवश्यक है साथ ही काला जामुन जूस सुबह एवं शाम खाली पेट लेना आवश्यक है यदि मरीज को शुगर की वजह से किसी भी तरह की शारीरिक कमजोरी है तो दिन में कम से कम 2 चम्मच प्रोटीन पाउडर लेना आवश्यक है प्रोटीन पाउडर को दाल में मिला कर सब्जी में, आटे में मिला कर अथवा गर्म पानी के साथ भी लिया जा सकता है|
2. यदि शुगर के कारण आपको शारीरिक कमजोरी है तो गर्म पदार्थो का जैसे की मेथी अथवा काली मिर्च का सेवन करने से बचे,अन्यथा यह प्रोटीन के स्तर को कम कर सकता है जिसके कारण शारीरिक दुर्बलता बढ़ सकती है एवं दुबलापन,चक्कर आना, अथवा शरीर सूखने जैसी उत्पन्न हो सकती है|
३. शुगर होने की दशा में दूध से बनी उत्पाद जैसे की लस्सी,एवं अन्य पदार्थो का सेवन बिल्कुल न करे|
4. खाना खाने के तुरंत बाद ही पानी का सेवेन न करे खाने के 1 घंटे उपरांत ही पानी का सेवेन करे|
5. गेहू के आटे का प्रयोग न करे ज्वार,बाजरा,मक्का, मक्के से बनी रोटी का प्रयोग करे यदि किसी कारण वश गेहू का आटा खाना ही पढ़ रहा हो तो उसमे चने का आटा मिला कर उपयोग करे सिर्फ गेहू के आटे का प्रयोग न करे|
6.चाय का सेवन बिल्कुल भी न करे|
7. दोपहर का भोजन करने से परहेज करें , सुबह ही भरपेट खाना खाए और फिर 9 से 10 घंटे बाद शाम में 6-7 बजे तक पुनः खाना खा लें | दोपहर में यदि भूख लगती है तो बेसन से बनी चीजों का उपयोग करें |
नोट – उपरोक्त तीनो सप्प्लिमेंट्स का लगातार 6 माह तक उपयोग करे साथ ही यदि आपकी डाक्टरी दवा चल रही हो तो उसका भी नियमित सेवन करे एवं 6 माह के बाद उन डाक्टरी दवाओ का धीरे -धीरे डोज कम करना प्रारंभ करे एवं नियमित रूप से अपनी शुगर की जाँच कराते रहे अलग -अलग तरह के लोगो के ऊपर उपरोक्त सप्लीमेंट का प्रभाव कम एवं ज्यादा देखने को मिल सकता है चूंकि विज्ञान के अनुसार शुगर कभी ख़त्म न होने वाली बीमारी का रूप है अतः दवाओ का नियमित एवं समय से सेवन करे|







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