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स्तन बड़ा करने के उपाय ब्रेस्ट का साइज़ बड़ा करने का तरीका

DR ASHUTOSH Avatar
GROW BREAST SIZE BOOS SIZE INCREASE

वर्तमान समय में हार्मोनल संतुलन स्त्रियों एवं महिलाओं के लिए या कम उम्र की लड़कियों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है जिसके कारण महिलाओं की  शारीरिक संरचना अधिकांश मामलों में सामान्य नहीं है! स्तनों का छोटा होना इन समस्याओं में से एक प्रमुख समस्या है जिसके कई तरह के कारण हो सकते हैं प्रमुख कर्म में यह अनुवांशिक हो सकती है अर्थात यदि बच्चे की मां के स्तनों का आकार सामान्य नहीं है या छोटा है तो कम उम्र की लड़कियों में स्तनों का विकास असामान्य तरीके से हो सकता है या कई बार उनके स्तन उम्र के अनुपात में छोटा रह जाते हैं जिसके कारण कई बार उन्हें श्रम का सामना भी करना पड़ता है! लेकिन कुछ प्राकृतिक उपाय एवं अन्य तरीकों से असामान्य स्थानों को सुडोल किया जा सकता है एवं उन्हें सामान्य अवस्था में अथवा एक अच्छे साइज में लाया जा सकता है इसके बारे में आज हम जानने का प्रयास करेंगे!

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स्तनों का आकार बड़ा करने के लिए एक नियमित दिनचर्या का होना और संतुलित आहार का होना बहुत आवश्यक है इसमें प्रतिदिन व्यायाम करना जिसमें की चेस्ट प्रेस जैसे व्यायाम पुश अप एस जैसे व्यायाम आवश्यक है!

इसके साथ ही संतुलित आहार के रूप में सोयाबीन जिसमें पर्याप्त प्रोटीन की मात्रा होती है लिया जा सकता है प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए मार्केट में प्रोटीन पाउडर भी उपलब्ध होते हैं बेहतर सुझाव यह दिया जाता है कि मार्केट में उपलब्ध किसी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के माध्यम से हाई डेंसिटी का प्रोटीन पाउडर खरीद कर उपयोग किया जाए जिसमें प्रोटीन की प्रचुर मात्रा होती है और यह मार्केट में उपलब्ध प्रोटीन पाउडर की तुलना में बहुत तेजी से शरीर में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाता है एवं स्थानों के आकार में सुधार करता है इसके साथ ही नट्स का उपयोग करना नियमित रूप से दूध पीना मेथी जैसी सब्जियों का सेवन करना भी संतुलित आहार में शामिल है!

इसके साथ ही हरी सब्जियां पपीता जैसे फल स्तन के टिशु के विकास में प्रभावी रूप से मदद करते हैं जिससे कि स्थानों का आकार सुडौल होता है एवं स्तन का आकार भी तेजी से बढ़ता है और यह स्तनों को झूलने या लटकने नहीं देता जिससे कि ढीलेपन की समस्या नहीं होती है!

व्यायाम के ठीक बाद महिलाएं अथवा स्त्रियां तिल के तेल से या जैतून के तेल से नियमित रूप से मालिश भी कर सकती हैं या किसी एक्सपर्ट के माध्यम से सलाह लेकर स्तनों की मालिश कर सकती हैं यह ध्यान में रखने योग्य बात है की मालिश प्रभावी रूप से होना चाहिए जिससे कि मालिश के दौरान स्तनों में तेजी से गर्मी बढ़ जाए एवं स्तनों की मालिश हमेशा नीचे से ऊपर की ओर गोलाई में होनी चाहिए, सही तरीके से मालिश ना होने पर स्तन ढीले होकर लटक सकते हैं इसलिए किसी एक्सपर्ट से सलाह लेने के बाद ही मालिश करें!

व्यायाम  नियमित रूप से व्यायाम करना छाती की मांसपेशियों को मजबूत करता है इसके लिए वॉल प्रेस तकनीक डबल पुल ओवर तकनीक चेस्ट फ्लाई जैसे व्यायाम एवं पुशअप किया जा सकते हैं यह तेजी से छाती की मांसपेशियों को फैलाता है एवं उन्हें मजबूत करता है जिससे कि स्तनों का साइज तेजी से विकसित होता है एवं उनमें लचीलापन आता है जिससे कि स्तन सुडौल आकार लेने लगते हैं!

संतुलित आहार  संतुलित आहार की यदि बात की जाए तो खाने में दूध प्रतिदिन लेना मेथी के दोनों का सेवन करना मेथी की सब्जी का उपयोग करना अखरोट का उपयोग करना बादाम खाना पपीता एवं केला जैसे फलों का उपयोग करना, प्रोटीन से प्रचुर भोजन जैसे की सोयाबीन का नियमित सेवन करना स्तनों में उभार लाने के लिए सहायक है इससे स्तन ढीले नहीं होते एवं उनमें सही आकार एवं गोलाई आती है अन्यथा सही आकार न होने पर स्तन सुडोल नहीं दिखाई देते एवं ढीले होकर लटक जाते हैं!

मालिश मालिश अथवा मसाज नियमित रूप से जैतून के तेल से अथवा एलोवेरा जेल से या दोनों उपलब्ध न होने पर तिल के तेल से प्रतिदिन 20 मिनट से 30 मिनट की मालिश हल्के हाथों से करने पर स्तनों में रक्त संचार बढ़ता है एवं गर्म होने पर स्तनों के टिशु का तेजी से विकास होता है जो की स्तनों का आकार बढ़ाने में सहायक होते हैं मालिश के लिए किसी एक्सपर्ट से सलाह लेकर या मालिश में एक्सपर्ट किसी व्यक्ति के माध्यम से मालिश करने की ही सलाह दी जाती है स्तनों को ज्यादा जोर से दबाने पर या तेज हाथों से मालिश करने पर स्तन ढीले होकर लटक भी सकते हैं अतः मालिश के दौरान सावधानी बरतें!

शतावरी का पाउडर कई महिलाओं में यह देखा जाता है कि हार्मोनल संतुलन सही ना हो पाने के कारण भी स्तनों का विकास नहीं होता है अतः हार्मोन संतुलित करने के लिए महिलाएं शतावरी का पाउडर भी इस्तेमाल कर सकती हैं जिससे कि स्तनों के आकार में सुधार आता है!

संभोग के दौरान स्थानों की मालिश अथवा मसलना यदि स्थानों का आकार छोटा है तो संभोग के दौरान स्तनों को हल्के अथवा तेज हाथों से मालिश करके अथवा दबाकर गर्म किया जा सकता है जिससे कि आकार में सुधार आता है परंतु यह ध्यान देने योग्य है कि संभोग के बाद यदि शरीर गर्म है अथवा स्तन गर्म है तो सीधे हवा के संपर्क में अथवा सीधे ठंडे पानी के संपर्क में नहीं जाना चाहिए |

मार्केट में उपलब्ध उत्पाद ऐसा देखने में आया है कि बाजार में बहुत सी दवाएं एवं क्रीम भी उपलब्ध हैं जो कि कुछ हद तक स्तन के आकार में सुधार करने का अथवा स्तन बड़े करने का दावा करती हैं परंतु कई बार यह जरूरी नहीं है कि प्रभावी हो इसलिए मार्केट में उपलब्ध अच्छे ब्रांड का ही हमेशा उपयोग करें सस्ती दवाओं  के अथवा क्रीम या जेल के चक्कर में पड़कर स्तनों का आकार बिगड़ सकता है एवं त्वचा से संबंधित रोग भी हो सकते हैं इसलिए हमेशा अच्छी ब्रांड की क्रीम दवा अथवा जेल का ही उपयोग करें |

यह विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि किशोर अवस्था में स्तनों का आकार प्राकृतिक रूप से बढ़ने लगता है और इसके बाद यह आनुवंशिक रूप से स्थिर हो जाता है यदि 18 से 20 साल के बाद भी स्तनों के आकार में सुधार नहीं आ रहा है तो ऊपर दिए गए सभी उपाय करने के बाद सर्जरी भी कराई जा सकती है लेकिन इसके लिए किसी प्लास्टिक सर्जन से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है सर्जरी के पहले किसी अच्छे सजन से परामर्श लेना उपयुक्त होता है और सर्जरी सिर्फ तभी करें जब आप शारीरिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ है अन्यथा इसके भी दुष्परिणाम हो सकते हैं अन्य किसी जानकारी के लिए नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर भी आप हमसे संपर्क कर सकते हैं!

 

 

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